रामपुर: जौहर यूनिवर्सिटी को बदनाम करने और बंद कराने की साजिश हो रही – सपा नेता असीम राजा
उत्तर प्रदेश के रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष असीम राजा ने प्रेस वार्ता आयोजित कर आरोप लगाया कि जौहर यूनिवर्सिटी को योजनाबद्ध तरीके से बदनाम किया जा रहा है और उसे बंद कराने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के इस संस्थान को लेकर लोगों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि वास्तविक स्थिति इससे अलग है। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
प्रेस वार्ता के दौरान असीम राजा ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी का संचालन करने वाले ट्रस्ट का आयकर विभाग से संबंधित पंजीकरण रद्द हुआ है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यूनिवर्सिटी का पंजीकरण भी समाप्त हो गया है। उन्होंने दावा किया कि विश्वविद्यालय का पंजीकरण अभी भी पूरी तरह वैध है और संस्थान नियमानुसार संचालित हो रहा है। उनके अनुसार कुछ लोग जानबूझकर ऐसी जानकारी प्रसारित कर रहे हैं जिससे यह संदेश जाए कि यूनिवर्सिटी का अस्तित्व समाप्त हो चुका है।
सपा नेता ने आरोप लगाया कि जौहर यूनिवर्सिटी को लगातार विवादों में घसीटकर उसकी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना था कि यह संस्थान वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में अपनी भूमिका निभा रहा है और यहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय को राजनीति से जोड़ना उचित नहीं है और किसी भी संस्थान के बारे में तथ्यों के आधार पर ही राय बनाई जानी चाहिए।
असीम राजा ने प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की कि यदि किसी प्रकार की जांच या कार्रवाई की जाती है तो वह पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और कानून के दायरे में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था के बारे में अफवाह फैलाने या बिना तथ्य के भ्रम पैदा करने से छात्रों और उनके अभिभावकों में अनावश्यक चिंता पैदा होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़ा केंद्र है। ऐसे में किसी भी निर्णय या कार्रवाई से पहले सभी कानूनी तथ्यों और प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि शिक्षा संस्थानों को राजनीतिक विवादों से दूर रखा जाए और छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
फिलहाल जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े इस मुद्दे पर प्रशासन की ओर से प्रेस वार्ता में लगाए गए आरोपों का कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि आगे इस मामले में संबंधित विभाग और प्रशासन क्या रुख अपनाते हैं। आने वाले दिनों में जांच और कानूनी प्रक्रिया की दिशा तय करेगी कि इस पूरे विवाद में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।