30 जून 2026

अमेठी: अयोध्या रवाना होने से पहले कांग्रेस नेताओं को घरों में रोका, हाउस अरेस्ट के आरोपों से सियासत गरमाई

लेखक न्यूज़ डेस्क · 30 जून 2026, 15:10

अमेठी: अयोध्या रवाना होने से पहले कांग्रेस नेताओं को घरों में रोका, हाउस अरेस्ट के आरोपों से सियासत गरमाई

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में कांग्रेस नेताओं को कथित रूप से हाउस अरेस्ट किए जाने का मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि अयोध्या यात्रा पर रवाना होने से पहले पुलिस ने उन्हें उनके घरों से बाहर निकलने नहीं दिया। पार्टी का कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई, जबकि प्रशासन की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

जानकारी के अनुसार, कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा के साथ अयोध्या दर्शन के लिए प्रस्तावित यात्रा में शामिल होने वाले कई नेताओं को सोमवार देर रात से ही उनके घरों तक सीमित कर दिया गया। कांग्रेस का दावा है कि पूर्व एमएलसी दीपक सिंह सहित कई वरिष्ठ नेताओं के आवासों के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया, जिससे वे यात्रा में शामिल होने के लिए बाहर नहीं निकल सके। पार्टी नेताओं का आरोप है कि उन्हें बिना किसी स्पष्ट कारण के रोका गया।

इस घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं में नाराजगी देखने को मिली। पार्टी का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी राजनीतिक दल के नेताओं को शांतिपूर्ण तरीके से धार्मिक या राजनीतिक यात्रा करने से रोकना उचित नहीं है। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार पर राजनीतिक द्वेष की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि कानून-व्यवस्था को लेकर कोई विशेष आशंका थी तो प्रशासन को उसका स्पष्ट कारण बताना चाहिए था। उनका आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना या आदेश के उन्हें घरों में रोक दिया गया, जिससे उनकी प्रस्तावित यात्रा प्रभावित हुई। पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और प्रशासन से जवाब मांगने की बात कही है।

दूसरी ओर, इस पूरे मामले में जिला प्रशासन या पुलिस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि नेताओं को रोके जाने की कार्रवाई हुई थी या नहीं, अथवा यदि कोई सुरक्षा संबंधी कदम उठाया गया था तो उसके पीछे क्या कारण थे। ऐसे में कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।

फिलहाल यह मामला राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। प्रदेश की राजनीति में इस घटनाक्रम को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस मामले पर क्या स्पष्टीकरण देता है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा किस दिशा में आगे बढ़ता है। जांच और आधिकारिक बयान आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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